वेल्डिंग के दौरान अल्युमिनियम में हॉट क्रैकिंग की प्रवृत्ति
वेल्डिंग के दौरान अल्युमिनियम में हॉट क्रैकिंग की प्रवृत्ति विकसित होती है, खासकर जब ग्रेन बाउंड्रीज़ पर रेसिड्यूअल मेल्ट फ़िल्म्स रह जाती हैं। अनफेवरेबल अलॉयज़ जोखिम बढ़ाते हैं।
भौतिक-रासायनिक क्रियाविधि
अल्युमिनियम की स्ट्रेस लिमिट कम होती है और कम तापमान पर ग्रेन बाउंड्रीज़ पर रेसिड्यूअल मेल्ट फ़िल्म्स बनाता है। ठंडा होते समय ये फ़िल्म्स अगर पूरी तरह से हटाई न जाएँ तो क्रैक पैदा कर सकती हैं।
मेटलर्जिकल महत्व और वेल्डिंग में जोखिम
अल्युमिनियम के अनफेवरेबल अलॉयज़ हॉट क्रैकिंग की प्रवृत्ति बढ़ाते हैं। रेसिड्यूअल मेल्ट फ़िल्म्स ग्लास-हार्ड माइक्रोस्ट्रक्चर बना सकती हैं, जो क्रैक के प्रति संवेदनशील होती हैं। इससे डैमेज और पार्ट इंटेग्रिटी का उल्लंघन हो सकता है।
वर्कशॉप प्रैक्टिस और कार्य निर्देश
अल्युमिनियम वेल्डिंग में फ़िलर मेटल की हाई प्योरिटी और सही कूलिंग सिस्टम इस्तेमाल करें। वेल्डिंग के बाद रेसिड्यूअल मेल्ट फ़िल्म्स को अच्छी तरह से हटाएँ, जैसे पॉलिशिंग या केमिकल क्लीनिंग से। ठंडा करते समय तापमान स्थिर रखें और तेज़ तापमान गिरावट से बचें।