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बाइंड ज़ोन

वह संक्रमण क्षेत्र जहाँ पिघली हुई वेल्ड धातु मूल धातु के साथ जम गई है। यहाँ जोड़ की यांत्रिक गुणवत्ता दिखती है।

बाइंडिंग ज़ोन पिघले हुए वेल्ड मेटल और न पिघले बेस मेटल के बीच का ट्रांज़िशन है। यहाँ ठंडा होते समय दाने सीधे एक-दूसरे में उगते हैं, एक मज़बूत धात्विक जोड़ बनता है। यह दरारों के लिए सबसे क्रिटिकल जगह है, खासकर जब मटेरियल जल्दी ठंडा होकर कठोर और भंगुर हो जाता है। अगर तुम हाई-कार्बन या अलॉयड स्टील से काम कर रहे हो, तो ठंडा होने की रफ्तार धीमी करनी पड़ेगी, जैसे प्रीहीटिंग से। साथ ही सूखे, कम हाइड्रोजन वाले फिलर मेटल का ध्यान रखो, वरना कोल्ड क्रैक का खतरा है।

MetallurgieSchweißtechnik

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