गैस चैनल
गैस चैनल वेल्ड मेटल में एक लंबा, नली जैसा खोखलापन होता है, जो जमने के दौरान निकलती गैसों से बनता है। यह ज्यादातर बहुत गंदे हिस्सों पर होता है और सीलिंग तथा मजबूती को खराब करता है।
भौतिक-रासायनिक क्रियाविधि
वेल्डिंग के दौरान धातु से हाइड्रोजन, कार्बन डाइऑक्साइड या नाइट्रोजन जैसी गैसें निकलती हैं। गर्मी में ये गैसें बुलबुले बनाती हैं और अगर जल्दी बाहर न निकल पाएं तो वेल्ड मेटल में लंबाई में फैलकर चल सकती हैं। इससे गैस चैनल बनते हैं।
धातुकर्मीय महत्व और वेल्डिंग में जोखिम
गैस चैनल वेल्ड मेटल की सीलिंग और मजबूती को खराब करते हैं, क्योंकि ये छिद्रों की तरह काम करते हैं और मैकेनिकल लोड सही से ट्रांसफर नहीं कर पाते। अगर मेटल तनाव में हो तो ये हॉट क्रैक भी पैदा कर सकते हैं। इसके अलावा निकलती गैसों से माइक्रोस्ट्रक्चर मोटा हो जाता है, जिससे मटेरियल की टफनेस कम होती है।
वर्कशॉप प्रैक्टिस और निर्देश
गैस चैनल से बचने के लिए वेल्डिंग से पहले हिस्सों को अच्छी तरह साफ करना और डिगैस करना जरूरी है। जरूरत पड़ने पर डिगैसिंग डिवाइस इस्तेमाल करें ताकि निकलती गैसें हट जाएं। सही वेल्डिंग प्रोसेस और कूलिंग का ध्यान रखें ताकि गैस बुलबुले कम बनें। बहुत गंदे हिस्सों के लिए केमिकल क्लीनिंग या मैकेनिकल पॉलिशिंग की सलाह दी जाती है।