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तांबा-मिश्र धातु की ढलाई-क्षमता

तांबे के मटेरियल का गुण, तरल रूप में सांचा भरना और जमने से जुड़ी दरारों से बचना। कांस्य और पीतल यहाँ विशिष्ट ढलाई-तकनीकी अंतर दिखाते हैं।

तांबे के मटेरियल सब एक जैसे नहीं होते – मिश्र धातु (पीतल, कांस्य, न्यूसिल्बर) के हिसाब से पिघलने का व्यवहार और वेल्डिंग-योग्यता साफ़ बदल जाती है। ज़िंक या टिन जैसे योजक मटेरियल को ढालने योग्य तो बनाते हैं, लेकिन वेल्डिंग में बुरी तरह परेशान कर सकते हैं, क्योंकि गर्म करने पर वे वाष्प बनकर उड़ जाते हैं या दरारें पैदा करते हैं। जब तुम तांबे की मिश्र धातु वेल्ड करो, तो साफ़, शांत ताप-आपूर्ति पर ध्यान दो और हिस्से को बहुत जल्दी ठंडा मत होने दो। पीतल में खास ध्यान रखो कि ज़िंक जल न जाए – यह सफ़ेद धुएँ से पहचानो। सिद्धांत: पहले मटेरियल ठीक से पहचानो, फिर सही योजक चुनो, और शक हो तो कम गर्मी में काम करो।

MetallurgieSchweißtechnik

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