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तांबा-ऑक्सीजन रोग

ऑक्सीजन युक्त तांबे में उच्च तापमान पर विसरित होते हाइड्रोजन की कॉपर(I) ऑक्साइड के साथ प्रतिक्रिया से जलवाष्प के बुलबुले बनने के कारण अंतराक्रिस्टलीय दरार।

वेल्डिंग ज़ोन में हाइड्रोजन तांबे में मौजूद ऑक्सीजन के साथ प्रतिक्रिया करके जलवाष्प बनाता है। यह वाष्प निकल नहीं पाता और बुलबुले बनाता है जो ढांचे को तोड़कर दरारें पैदा करते हैं। यह खासकर तब होता है जब तांबे में ऑक्सीजन हो, जैसे कास्ट कॉपर में। इसलिए तुम्हें साफ, कम ऑक्सीजन वाला मटेरियल लेना होगा और वेल्डिंग ज़ोन को सूखा रखना होगा ताकि हाइड्रोजन अंदर न आए। अगर तुम वेल्डिंग से पहले जगह को अच्छी तरह प्रीहीट करो और धीरे-धीरे ठंडा करो, तो इन दरारों का खतरा काफी कम हो जाता है।

MetallurgieSchweißtechnik

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