वायु अंतराल
वायु अंतराल शीट किनारों के बीच की दूरी है, जो जड़ पिघलाव प्राप्त करने से रोकती है। बहुत बड़ा वायु अंतराल असमान वेल्ड निर्माण और छिद्र निर्माण का कारण बन सकता है।
भौतिक-रासायनिक क्रियाविधि
हवा का अंतराल शीट के किनारों के बीच का स्थान है, जहाँ हवा सीधे तरल धातु के संपर्क में नहीं आती। यह जड़ के पिघलाव तक पहुँचने को रोकता है, क्योंकि गर्म धातु और हवा के बीच सीधा संपर्क नहीं होता।
धातुकर्मीय महत्व और वेल्डिंग में जोखिम
बहुत बड़ा हवा का अंतराल वेल्ड सीम को असमान रूप से ठंडा कर सकता है। इससे छिद्र बन सकते हैं और संरचना महीन (fine ripple) हो सकती है, जिससे सीम की मजबूती कम होती है। इसके अलावा, असमान वेल्डिंग हो सकती है, जिससे जोड़ के यांत्रिक गुण कम हो जाते हैं।
कार्यशाला व्यवहार और निर्देश
हवा का अंतराल 0.5 mm और 1 mm के बीच होना चाहिए। यह सीमा छिद्र बनाए बिना पर्याप्त ठंडक प्रदान करती है। 3 mm से अधिक मोटाई वाली शीट के लिए, हवा का अंतराल 2 mm तक बढ़ाया जा सकता है। ध्यान दें कि हवा का अंतराल एक समान हो और शीट के किनारों के बीच हवा के बुलबुले या तनाव न हों।