मेटास्टेबल उत्तेजित अवस्थाएँ
मेटास्टेबल उत्तेजित अवस्थाएँ उच्च-ऊर्जा परमाणु अवस्थाएँ होती हैं जिनका जीवनकाल बढ़ा हुआ होता है, जो आर्क में आयनन प्रक्रियाओं को आसान और स्थिर बनाती हैं।
भौतिक-रासायनिक क्रियाविधि
गैस परमाणु मेटास्टेबल उत्तेजित अवस्थाओं में जा सकते हैं, जहाँ वे सामान्य से अधिक ऊर्जा लेते हैं। ये अवस्थाएँ अस्थिर होती हैं और अपनी ऊर्जा जल्दी छोड़ देती हैं, जिससे आयनन प्रक्रियाएँ होती हैं।
धातुकर्मीय प्रासंगिकता और वेल्डिंग में जोखिम
इन मेटास्टेबल अवस्थाओं का उपयोग आर्क वेल्डिंग में किया जा सकता है ताकि गैस परमाणुओं का आयनन आसान हो और वेल्डिंग प्रक्रिया बेहतर हो। लेकिन गलत हैंडलिंग से वेल्ड नाथ की गुणवत्ता अनियमित हो सकती है या वेल्डिंग गैस की खपत बढ़ सकती है।
वर्कशॉप व्यवहार और कार्य निर्देश
मेटास्टेबल उत्तेजित अवस्थाओं का उपयोग करें, इसके लिए गैस प्रवाह और आर्क में वोल्टेज को उचित रूप से नियंत्रित करें। कम से कम 1 माइक्रोसेकंड का जीवनकाल सामान्य है। आयनन दर की लगातार निगरानी करें और जरूरत पड़ने पर सेटिंग्स समायोजित करें।