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माइक्रोअलॉयिंग-अवक्षेपण सख्ती

माइक्रोअलॉयिंग-अवक्षेपण सख्ती नाइओबियम, टाइटेनियम या वैनेडियम की कम मात्रा मिलाकर ताकत बढ़ाती है, जो महीन कार्बाइड या कार्बोनिट्राइड बनाते हैं।

भौतिक-रासायनिक क्रियाविधि

नाइओबियम, टाइटेनियम और वैनेडियम को पिघल में माइक्रोअलॉय के रूप में मिलाया जाता है। ये मिश्रातुएँ स्टील में मौजूद कार्बन से अभिक्रिया करके सूक्ष्म कार्बाइड या कार्बोनाइट्राइड बनाती हैं। ये सूक्ष्म कण माइक्रोस्ट्रक्चर में समरूप रूप से फैलकर यांत्रिक सामर्थ्य को बढ़ाते हैं।

धातुकर्मीय महत्व एवं वेल्डिंग में जोखिम

माइक्रोअलॉय अवक्षेपण ढ़लाई स्टील की तन्यता बढ़ाती है, लेकिन हॉट क्रैकिंग या बर्निंग को नहीं रोकती। गलत मिश्रातु चयन से अवांछित फेज़ निर्माण हो सकता है और यांत्रिक प्रदर्शन प्रभावित हो सकता है।

कार्यशाला व्यवहार एवं निर्देश

उच्च कार्बन वाले स्टील के लिए नाइओबियम, टाइटेनियम या वैनेडियम कम मात्रा में (लगभग 0.1 से 0.5 %) प्रयोग करें। पिघल में मिश्रातु को अच्छी तरह मिलाया जाए और ठंडी अवस्था में समरूप बना रहे। ठंडा होते समय तापमान की निगरानी करें ताकि कठोरता का समान वितरण सुनिश्चित हो।

MetallurgieSchweißtechnik

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