नाट तैयारी
नाट तैयारी वेल्डिंग से पहले वर्कपीस किनारों की मशीनिक या थर्मल प्रोसेसिंग है, ताकि दोषरहित जॉइंट शेप बने। यह पोर बनने से रोकता है और वेल्ड नाट की मजबूती सुधारता है।
भौतिक-रासायनिक क्रियाविधि
सीम तैयारी वर्कपीस की सतह खुरदुरापन को कम करती है, जिससे अधिक दोषरहित जोड़ आकार बनता है। यांत्रिक तैयारी जैसे पीसना या ठोंकना धातु के निशान और अशुद्धियाँ हटाती है। तापीय तैयारी जैसे लेजर या विकिरण सतह ऊर्जा बढ़ाती है, जिससे बेहतर वेल्ड सीम जोड़ बनता है।
धातुकर्मीय प्रासंगिकता और वेल्डिंग में जोखिम
अपर्याप्त सीम तैयारी वेल्ड पूल में छिद्र और अपूर्ण जोड़ पैदा कर सकती है। इससे दरार का खतरा बढ़ता है और सीम की ताकत कम होती है। सावधान तैयारी जोड़ की तन्यता और यांत्रिक व्यवहार में सुधार करती है।
वर्कशॉप अभ्यास और कार्य निर्देश
सफल सीम तैयारी के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें:
• यांत्रिक तैयारी: वर्कपीस किनारे चिकने और धातु के निशान तथा अशुद्धियों से मुक्त होने चाहिए। यह पीसना, ठोंकना या पॉलिश करके प्राप्त किया जा सकता है।
• तापीय तैयारी: तापीय सतह उपचार जैसे लेजर या विकिरण सतह ऊर्जा बढ़ाता है और जोड़ गुणों को बेहतर बनाता है। तापमान सामग्री और वेल्डिंग प्रक्रिया के अनुसार बनाए रखा जाना चाहिए।
• तैयारी का नियंत्रण: सीम तैयारी की गुणवत्ता नियमित रूप से जाँची जानी चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो कि कोई छिद्र या अपूर्ण जोड़ न हो।