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PC-स्थिति (अनुप्रस्थ स्थिति)

PC-स्थिति एक ऊर्ध्वाधर दीवार पर क्षैतिज वेल्डिंग है, जिसमें पिघला हुआ धातु नीचे की ओर बहने की प्रवृत्ति रखता है। इसके लिए सटीक टॉर्च पकड़ की आवश्यकता होती है और यदि सही ढंग से नियंत्रित न किया जाए तो यह सरंध्रता का कारण बन सकता है।

भौतिक-रासायनिक क्रियाविधि

PC-स्थिति क्षैतिज वेल्डिंग दिशा के कारण पिघले धातु पर तेज दबाव डालती है। पिघला हुआ धातु नीचे की ओर खिंच जाता है, जिससे छिद्र (porosity) बन सकते हैं यदि टॉर्च ठीक से संरेखित न हो।

धातुकर्मीय महत्व और वेल्डिंग में जोखिम

गलत टॉर्च स्थिति से असमान कठोरता वितरण और वेल्ड सीम में छिद्रता हो सकती है। इससे दरारों का खतरा बढ़ जाता है और जोड़ की मजबूती कम हो जाती है।

कार्यशाला अभ्यास और कार्रवाई निर्देश

सुनिश्चित करें कि टॉर्च वेल्डिंग दिशा के बिल्कुल क्षैतिज संरेखित हो। टॉर्च को यथासंभव दूर रखें ताकि पिघल का समान वितरण हो। एक स्थिर वेल्डिंग स्टैंड का उपयोग करें और सही गैस आपूर्ति का ध्यान रखें।

MetallurgieSchweißtechnik

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