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अपूर्ण पेनिट्रेशन

अपूर्ण पेनिट्रेशन तब होता है जब वेल्डिंग की गर्मी रूट पर बेस मेटल को पिघलाने के लिए पर्याप्त नहीं होती। नॉट रूट खुला या आधा भरा रह जाता है। इससे तेज नॉच बनता है और जोड़ कमजोर हो जाता है।

भौतिक-रासायनिक क्रियाविधि

आर्क रूट में बहुत कम गर्मी देता है। बेस मेटल वहाँ पिघलता नहीं या सिर्फ सतह तक पिघलता है। तरल वेल्ड धातु रूट टिप तक नहीं पहुँचती। गैप खुला रह जाता है।

धातुकर्मीय महत्व और वेल्डिंग में जोखिम

खुला रूट नॉच की तरह काम करता है। वहाँ टेंसाइल स्ट्रेस जमा होते हैं। लोड में वेल्ड रूट से फट जाता है। लोड उठाने वाला क्रॉस-सेक्शन योजना से कम होता है। नॉच में नमी जमा होती है। इससे जंग और स्ट्रेस कॉरोजन बढ़ता है।

वर्कशॉप प्रैक्टिस और निर्देश

वेल्ड तैयारी जाँचें: रूट गैप 0.5 से 2 mm, कोई मिसअलाइनमेंट नहीं, किनारों पर गंदगी नहीं। करंट 10 से 15 % तक बढ़ाएँ। वेल्डिंग स्पीड 20 से 30 % तक घटाएँ। टॉर्च को ज्यादा सीधा रखें (नॉट से 75 से 80 डिग्री)। रूट को पीछे से बैकिंग के साथ वेल्ड करें। अगर रूट तक पहुँच न हो: रूट को पतली ग्राइंडिंग डिस्क से ग्रूव करें। फिर रूट को कम करंट (फिल लेयर के 70 से 80 %) से दोबारा वेल्ड करें।

MetallurgieSchweißtechnik

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