ताप-संचय कारक
ताप-संचय कारक छोटे कंपोनेंट में ठंडा होने की स्थितियों को सही करता है, जहाँ लगातार वेल्ड बीड्स तापमान को जमा करते हैं। यह सैद्धांतिक गणनाओं को वास्तविक वर्कशॉप स्थितियों के अनुसार समायोजित करता है।
भौतिक-रासायनिक क्रियाविधि
छोटे कंपोनेंट की वेल्डिंग से स्थानीय परिवेश में ताप ऊर्जा का लगातार संचय होता है। इससे अवांछित ताप जमाव हो सकता है, जो माइक्रोस्ट्रक्चर को प्रभावित करता है और दरारें पैदा कर सकता है।
धातुकर्मीय प्रासंगिकता और वेल्डिंग में जोखिम
बहुत अधिक ताप-संचय कारक से मटेरियल पर्याप्त ठंडा नहीं हो पाता। इससे ग्लास-हार्ड मार्टेंसाइट बन सकता है और वेल्ड में दरार का खतरा बढ़ जाता है। बहुत कम कारक से अपर्याप्त ठंडक और माइक्रोस्ट्रक्चर का मोटा होना हो सकता है, जिससे मटेरियल की टफनेस प्रभावित होती है।
वर्कशॉप अभ्यास और निर्देश
लगातार वेल्ड बीड्स वाले छोटे कंपोनेंट के लिए ताप-संचय कारक को ध्यान में रखना जरूरी है। यह विशेष वेल्डिंग पैरामीटर और सावधान ठंडक से हासिल किया जा सकता है। इस कारक का सामान्य मान 1.2 से 1.5 तक होता है। जरूरत पड़ने पर वेल्डिंग समय कम करो या बीड्स के बीच की दूरी बढ़ाओ।