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ऊष्मा इनपुट की गणना

वेल्डिंग के दौरान बॉडी को दी गई ऊष्मा की गणना, ताकि माइक्रोस्ट्रक्चर बदलने से बचे।

भौतिक-रासायनिक क्रियाविधि

ऊष्मा इनपुट की गणना का मतलब है वेल्डिंग प्रोसेस के दौरान बॉडी को दी गई थर्मल एनर्जी का पता लगाना। इसमें हीट पावर और वह समय शामिल है जितनी देर यह हीट दी जाती है।

धातुकर्मीय महत्व और वेल्डिंग में जोखिम

गलत ऊष्मा इनपुट से माइक्रोस्ट्रक्चर बदल सकता है, जैसे ग्लास-हार्ड मार्टेंसाइट आना या ग्रेन का मोटा होना। इससे क्रैक की संवेदनशीलता बढ़ती है और स्टील की टफनेस घटती है।

वर्कशॉप प्रैक्टिस और कार्रवाई निर्देश

सही ऊष्मा इनपुट की गणना के लिए ये स्टेप्स फॉलो करो:

1. ज़रूरी हीट पावर kW में तय करो।

2. वह समय सेकंड में निकालो जितनी देर यह हीट दी जाएगी।

3. पक्का करो कि हीट सोर्स (जैसे वेल्डिंग टॉर्च) सही सेट है और ज़रूरी पावर दे रहा है।

4. बॉडी में टेम्परेचर के बढ़ने पर नज़र रखो और ज़रूरत पड़े तो सेटिंग्स बदलो।

MetallurgieSchweißtechnik

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