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मध्य-आवृत्ति प्रतिरोध स्पॉट वेल्डिंग

मध्य-आवृत्ति प्रतिरोध स्पॉट वेल्डिंग एक विद्युत वेल्डिंग प्रक्रिया है जो मध्य-आवृत्ति रेंज में दिष्ट धारा का उपयोग करती है। यह सटीक धारा नियंत्रण और प्रतिलिपि योग्य वेल्ड लेंस सक्षम बनाती है, विशेष रूप से लेपित शीटों पर।

भौतिक-रासायनिक क्रियाविधि

यह प्रक्रिया विद्युत धारा से उत्पन्न ऊष्मा का उपयोग करती है। मध्य-आवृत्ति दिष्ट धारा निरंतर धारा नियंत्रण की सुविधा देती है, जिससे तापमान नियंत्रण बेहतर होता है और वेल्ड सीम अधिक सटीक बनती है।

धातुकर्मीय प्रासंगिकता एवं वेल्डिंग में जोखिम

ऊष्मा स्रोत का सटीक नियंत्रण असमान विरूपण और गर्म दरारों को रोकता है। गलत धारा नियमन से अति तापन या अल्प तापन हो सकता है, जो मजबूती और यांत्रिक गुणों को प्रभावित करता है।

कार्यशाला अभ्यास एवं कार्य निर्देश

स्थिर विद्युत आपूर्ति प्रणाली वाली मध्य-आवृत्ति प्रतिरोध स्पॉट वेल्डिंग मशीन का उपयोग करें। सामग्री विवरण के अनुसार सही वोल्टेज और सही धारा मान सेट करें। सुनिश्चित करें कि वेल्डिंग शीट साफ है और उस पर कोई लेपित सतह नहीं है, क्योंकि उच्च तापमान पर ये क्षतिग्रस्त हो सकती हैं।

MetallurgieSchweißtechnik

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